
नवाचार, संस्कार और सीख का उत्सव: पीएस इंदिरा गांधी शाला में ECCE बाल मेला एवं FLN मेला बना प्रेरणा का केंद्र, पालकों ने सराहा बच्चों का आत्मविश्वास
संवाददाता धनंजय जोशी
जिला पांढुरना मध्य प्रदेश
शासकीय प्राथमिक शाला गांधी एवं इंदिरा शाला, पांढुर्णा में दिनांक 28 मार्च 2026 को ECCE बाल मेला एवं FLN मेले का भव्य एवं प्रेरणादायक आयोजन किया गया। यह आयोजन न केवल बच्चों की शैक्षणिक प्रगति का मंच बना, बल्कि अभिभावकों और शिक्षकों के बीच सशक्त संवाद का भी माध्यम बना।

कार्यक्रम में पालकों एवं बच्चों की उत्साहपूर्ण और पूर्ण सहभागिता देखने को मिली। मेले में आए अभिभावकों ने अपने बच्चों की विभिन्न गतिविधियों—जैसे भाषा कौशल, गणितीय समझ, रचनात्मकता और अभिव्यक्ति—का सूक्ष्म अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने अनुभव किया कि उनका बच्चा किस स्तर पर है और उसकी सीखने की यात्रा किस दिशा में आगे बढ़ रही है।

ECCE गतिविधियों के अंतर्गत नन्हे बच्चों ने खेल-खेल में सीखने की अद्भुत झलक प्रस्तुत की, वहीं FLN मेले में प्राथमिक कक्षाओं के विद्यार्थियों ने पढ़ना, लिखना और गणना जैसे बुनियादी कौशलों का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। बच्चों द्वारा तैयार किए गए चार्ट, मॉडल, शैक्षणिक खेल एवं गतिविधियाँ सभी के आकर्षण का केंद्र रहीं और उनकी मेहनत व समझ को दर्शाती नजर आईं।
मेले की साज-सज्जा अत्यंत मनोहारी एवं आकर्षक रही। रंग-बिरंगे शैक्षणिक कोनों ने पूरे परिसर को उत्सवमय बना दिया। विशेष रूप से “बच्चों का कोना” एवं सेल्फी कॉर्नर ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा, जहां बच्चों और अभिभावकों ने हर्षोल्लास के साथ सहभागिता की और इस यादगार पल को संजोया।

यह सम्पूर्ण आयोजन शिक्षिका सीमा बिसेन, रामचंद्र उइके, किशोर दंतुले एवं रामराव डहारे के कुशल मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। उनके प्रयासों और समर्पण ने इस मेले को एक जीवंत शैक्षणिक उत्सव का रूप दिया। साथ ही BAC सुनीता पवार की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की महत्ता को और बढ़ाया तथा शिक्षण गतिविधियों को प्रोत्साहन प्रदान किया।
यह मेला केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि बच्चों के सर्वांगीण विकास, आत्मविश्वास निर्माण और सीखने के प्रति उत्साह जगाने की एक सशक्त पहल के रूप में उभरकर सामने आया। कार्यक्रम के अंत में बच्चों के चेहरे पर झलकती खुशी और अभिभावकों की संतुष्टि इस आयोजन की सफलता की साक्षी बनी।